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फर्जी विंग कमांडर को कैसे मिला एयरपोर्ट एंट्री पास? सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

फर्जी विंग कमांडर बनकर घूम रहे फिरोज गांधी को पुलिस ने आईजीआई एयरपोर्ट से पकड़ा है। उसके पास मिले संवेदनशील दस्तावेजों से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने रात में उसके घर छापा मारा।

फर्जी विंग कमांडर को कैसे मिला एयरपोर्ट एंट्री पास? सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ
फर्जी विंग कमांडर बनकर घूम रहे फिरोज गांधी से मिले संवेदनशील दस्तावेजों से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर फिरोज का किसके साथ संपर्क में रहा और दस्तावेजों को किसी के साथ साझा तो नहीं किया गया। सूत्रों ने बताया कि फिरोज गांधी को गुरुवार को अदालत के सामने पेश किया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी पर बेहद गंभीर आरोप हैं। उसके पास से जो दस्तावेज मिले हैं, वे बेहद संवेदनशील हैं। इनका इस्तेमाल कर वह सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता था। इसलिए अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

अफसरों के साथ खिंचवाता था तस्वीरें 

पुलिस के अनुसार, एयरफोर्स अधिकारी बनकर फर्जीवाड़ा करने वाला फिरोज गांधी बेहद शातिर है। वह बीते एक दशक से एयरफोर्स अधिकारी बनकर घूम रहा था। उसने एयरफोर्स के कई अधिकारियों से दोस्ती कर रखी थी। वह उनके साथ तस्वीरें खिंचवाता और उनका इस्तेमाल कर लोगों को बरगलाता था। पुलिस को एयरफोर्स के कई अधिकारियों के साथ उसकी नजदीकियों का भी पता चला है जिसको लेकर जांच की जा रही है।

पुलिस का मानना है कि वह अधिकारी बनकर लोगों से ठगी भी करता होगा, इसे लेकर पूछताछ चल रही है। उधर, नकली विंग कमांडर के मामले में तमाम सुरक्षा एजेंसियां सक्रीय हो गई हैं। वे पास बनने की प्रक्रिया जांच रही हैं। मिलिट्री इंटेलिजेंस, खुफिया विभाग, एयरफोर्स अधिकारी और दिल्ली पुलिस की टीम संयुक्त रूप से आरोपी फिरोज से पूछताछ कर रही है।

इन धाराओं में दर्ज किया मुकदमा

– 170- कोई भी व्यक्ति किसी भी सरकारी कर्मचारी का रूप धारण कर कोई गलत काम की कोशिश करना
– 171- अगर कोई भी व्यक्ति किसी सरकारी कर्मचारी की वर्दी धारण करता है
– 419- अपनी पहचान छिपाकर किसी दूसरे का रूप धारण करना
– 420- ठगी करना।

एंट्री पास सबसे बड़ी चिंता

सबसे बड़ी चिंता का कारण उसके पास मौजूद एयरपोर्ट एंट्री पास है जो उसने 2016 में बनवाया था। यह पास किस तरह से बना इसका रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। अगर इसमें किसी ने उसकी मदद की तो वह भी गिरफ्तार हो सकता है। यह पास केवल एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों को ही पूरी तरह सत्यापन करने के बाद मिलता है।

आरोपी के पास है ग्लाइडर उड़ाने का लाइसेंस

आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह पढ़ाई के बाद एयरफोर्स का अधिकारी बनना चाहता था। लेकिन ऐसा हो नहीं सका। अभी के समय में वह एनसीसी में छात्रों को पढ़ाता है। उसके पास ग्लाइडर उड़ाने का लाइसेंस भी है। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि बीते छह वर्षों में उसने इस कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है। लेकिन पुलिस उसकी इस बात पर भरोसा नहीं कर रही है। पुलिस ने एयरपोर्ट प्रशासन से इस कार्ड से संबंधित सभी जानकारी मांगी है ताकि उसके एयरपोर्ट के अंदर घुसने की जानकारी मिल सके।

पुलिस ने रात को मारा था घर पर छापा

गुरुवार रात को ही पुलिस ने आरोपी के घर पर छापा मारा। वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज एवं विंग कमांडर की दो वर्दियां बरामद हुई हैं। इनके अलावा विभिन्न एयरफोर्स अधिकारियों की 28 मुहर भी आरोपी के पास से मिली हैं, जिनका इस्तेमाल वह फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए करता था। इसके अलावा कई और दस्तावेज बरामद हुए हैं। उसके पास से बरामद हुए सभी दस्तावेजों की जांच पुलिस कर रही है।

आरोपी से बरामद हुए दस्तावेज और सामान

– एयरफोर्स का पहचान पत्र
– सिविल डिफेंस ऑफिसर वेलफेयर कार्ड
– एयरोक्ल्ब ऑफ इंडिया के सदस्य का कार्ड
– आईजीआई एयरपोर्ट एंट्री पास
– एयरफोर्स विंग कमांडर की दो वर्दियां
– अधिकारियों की 28 मुहर
– एयरफोर्स अधिकारियों के साथ कई तस्वीरें

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