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पटाखे बैन के बाद भी अस्पतालों से लेकर फायर ब्रिगेड तक अलर्ट, दिल्ली में दिवाली पर हादसों से निपटने को ऐसी तैयारी

दिल्ली में इस बार भी पटाखों पर बैन पूरी तरह बैन लगा हुआ है, इसके बाजवूद राजधानी दिल्ली में संभावित हादसों की आशंका को ध्यान में रखते हुए दमकल विभाग से लेकर अस्पताल तक पूरी मुस्तैदी से तैयार हैं।

पटाखे बैन के बाद भी अस्पतालों से लेकर फायर ब्रिगेड तक अलर्ट, दिल्ली में दिवाली पर हादसों से निपटने को ऐसी तैयारी

दिल्ली में इस बार भी पटाखों पर बैन पूरी तरह बैन लगा हुआ है, इसके बाजवूद राजधानी दिल्ली में संभावित हादसों की आशंका को ध्यान में रखते हुए दमकल विभाग से लेकर अस्पताल तक पूरी मुस्तैदी से तैयार हैं। अस्पतालों में एहतियातन जहां अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं, वहीं दमकल विभाग ने दीपावली पर भीड़भाड़ वाले इलाकों के पास फायर टेंडर तैनात कर दिए हैं।

दिल्ली में पटाखों और दीये से लोगों को जलने या चोट लगने के खतरे को देखते हुए सभी बड़े अस्पताल अलर्ट मोड पर हैं। एम्स, सफदरजंग और आरएमल अस्पताल ने जलने के मामलों की आशंका को देखते हुए 15 से लेकर 20 अतिरिक्त बेड लगाए हैं। इसके अलावा बर्न विभाग के डॉक्टरों की छुट्टियों को रद्द किया गया है।

डॉक्टरों ने कहा है कि पटाखे या दीये जलाते समय लोग विशेष सावधानी बरतें। खासतौर पर आंखों को सबसे ज्यादा सुरक्षित रखने की जरूरत है।

हेल्पलाइन नंबर जारी किया दिवाली पर आग से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल के बर्न विभाग में तैयारियां की गई हैं। सफदरजंग अस्पताल में अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती के अलावा 20 बेड का इंतजाम किया गया है। अस्पताल ने आग से जलने पर मदद के लिए 011-2616370 टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। सफदरजंग अस्पताल के बर्न विभाग के प्रमुख डॉ. शलभ कुमार ने बताया कि पिछले साल दिवाली की रात 87 मरीज जलने के बाद अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से 66 मरीज पटाखे से जबकि 21 मरीज दीये से जले थे। इनमें 26 मरीज 12 साल से कम उम्र के और 61 मरीज 12 साल से अधिक उम्र के थे।

जल जाएं तो क्या करें

● आग से जलने के बाद टूथपेस्ट, तेल, बर्फ नहीं लगाएं

● आग लगने पर तुरंत उक्त अंग को 10 से 20 मिनट तक (नल चलाकर) सामान्य पानी में रखें।

● यदि आग शरीर में लग जाती है तो वहीं रुक जाएं और जमीन पर लेटकर रोलिंग करें, जिससे आग बुझ जाएगी। मरीज को तुरंत अस्पताल लेकर जाएं।

सफदरजंग अस्पताल में बर्न विभाग के प्रमुख डॉ. शलभ कुमार ने कहा, ”दिवाली पर लोग लहराते हुए खुले कपड़े पहनते हैं, जिसमें आसानी से आग लग जाती है। उन्होंने कहा कि दिवाली के दौरान दीया जलाते हुए विशेष ध्यान देना चाहिए। पटाखे फोड़ने से बचें। यदि जलाते भी हैं तो दूरी बनाकर रखें।”

दमकल के 2800 कर्मचारी तैनात

वहीं, दिवाली पर होने वाली आगजनी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए दमकल विभाग ने भी पूरी तैयारी कर ली है। विभाग ने एहतियात के तौर पर दिवाली पर राजधानी में भीड़भाड़ वाले इलाकों के पास अपनी दमकल गाड़ियों को तैनात किया है। बीते वर्ष की तरह इस बार भी पटाखों के बेचने एवं जलाने पर पाबंदी है। इसके बावजूद पटाखों के जलाए जाने की संभावना है।

वर्ष 2021 में पटाखों के जलाने पर पाबंदी के बावजूद दिवाली पर आग की 194 घटनाएं हुई थीं। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहता। दमकल विभाग ने अपने सभी 2800 कर्मचारियों को दिवाली की ड्यूटी पर अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशिक्षित किए गए सेल्फ डिफेंस के जवानों को भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। दिल्ली के 64 दमकल केन्द्रों पर कार्यरत सभी कर्मचारी सोमवार सुबह से ही ड्यूटी पर रहेंगे। कुछ कर्मचारियों को गाड़ी के साथ ऐसी जगहों पर तैनात रखा जाएगा जहां आग लगने की संभावना अधिक रहती है।

नका बातों का ध्यान रखें

● लाइटों की सजावट के दौरान तार को प्लग में लगाते समय माचिस की तीली न लगाएं, इससे चिंगारी उठने का खतरा रहता है

● दीये एवं मोमबत्ती को लकड़ी के दरवाजे-खिड़की, पर्दे एवं जलने वाली वस्तुओं से दूर रखें

● लकड़ी की मेज पर दीये या मोमबत्ती जलाकर न रखें

● दीये जलाते समय ढीले कपड़े पहनने से बचें

दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक अतुल गर्ग ने कहा कि इस बार पटाखों को लेकर हो रही सख्ती के चलते कुछ कमी आ सकती है, लेकिन दमकल विभाग प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी पूरी तरह से तैयार रहेगा।

 

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